पत्थलगांव सिविल अस्पताल बना असामाजिक तत्वों व चोरों का अड्डा अस्पताल के कर्मचारी भी नहीं सुरक्षित अस्पताल ड्यूटीरत वार्ड बॉय का हुआ मोबाइल चोरी

मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव
पत्थलगांव का सिविल अस्पताल हमेशा से ही जिले की सुर्खियों पर रहा है जहां करोड़ों रुपए का अस्पताल का निर्माण तो कर दिया गया लेकिन इस अस्पताल में कौड़िया भर सुविधाओं भी मौजूद नहीं है ।सिविल अस्पताल में लगातार ही असामाजिक तत्वों व चोर उचक्कों का डेरा लगा रहता है जहां अस्पताल प्रबंधन द्वारा अस्पताल के मुख्य दरवाजे पर गार्ड की कमी के कारण लगातार अस्पताल के कर्मचारियों से लेकर मरीज के लिए अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए कड़ी मशक्कत करना पड़ रहा है जहां असामाजिक तत्व मरीज के रुपए व सामानों को पार कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर अस्पताल में लगी महंगी चीजों को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला तब देखने को मिला जब अस्पताल में ड्यूटीरत वार्ड ब्वाय धर्मसाय चौहान पिता लादूराम चौहान रात्रि ड्यूटी पर तैनात था जहां रात्रि 2:00 बजे लगभग ड्यूटी रात वार्ड बाय द्वारा अपनी जगह पर मोबाइल रखकर ड्यूटी कर रहा था वहीं कुछ देर के लिए ड्यूटी रत कर्मचारियों की पलकें झपकी की वहीं मौजूद बैठे एक शख्स ने वार्ड बॉय का मोबाइल पार कर दिया जहां कुछ देर बाद वार्ड बॉय ने अपने मोबाइल की खोजबीन की तो हजारों रुपए का मोबाइल व बैठा व्यक्ति गायब हो चुका था ।

थकहार कर पीड़ित धर्मसाय पत्थलगांव थाने में उक्त संदेही मोबाइल चोर की फोटो के साथ आवेदन दिया गया है ।अब देखना यह है कि अस्पताल में हुए मोबाइल चोरी पर पुलिस क्या एक्शन लेती है ??
अस्पताल में लाखों रुपए खर्च कर सीसीटीवी तो लगा दिए गए हैं लेकिन सीसीटीवी भगवान भरोसे ही नजर आते हैं सीसीटीवी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर अपनी गुणवत्ता पर रोना रो रहे हैं
।अस्पताल परिसर से हो चुकी है दर्जनों बाइक चोरी
पत्थलगांव सिविल अस्पताल परिसर से दर्जनों बाइक चोरियां हो चुकी है लेकिन आज तक किसी भी मोटरसाइकिल चोरी का सुराग ढूंढने में पुलिस असफल रही है जहां मरीज अब अपनी दोपहिया वाहन में अस्पताल पहुंचने से भी डरने लगे हैं अस्पताल प्रबंधन को कुछ वर्षों पूर्व गार्ड की व्यवस्था की गई थी लेकिन लंबे समय से अस्पताल में मुख्य द्वार पर गार्ड के अभाव के कारण लगातार असामाजिक तत्व एवं चोरियों में इजाफा हो चुका है।




