शासन की लाखों रुपए के प्रति माह वेतन पर मजे कर रहे हलबोहा दीवानपुर शासकीय प्राथमिक शाला के शिक्षक हलबोहा शासकीय प्राथमिक शाला में पहली से पांचवी तक नहीं है कोई दर्ज संख्या

शासन की लाखों रुपए के प्रति माह वेतन पर मजे कर रहे हलबोहा दीवानपुर शासकीय प्राथमिक शाला के शिक्षक
हलबोहा शासकीय प्राथमिक शाला में पहली से पांचवी तक नहीं है कोई दर्ज संख्य
पत्थलगांव
एक और छत्तीसगढ़ शासन के मुखिया द्वारा नई-नई योजनाएं लागू कर शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के प्रयास किये जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर शासकीय विद्यालय के शिक्षक शिक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारियां को निर्वहन करने में शिथिलता बरतते नजर आ रहे हैं जिसका जीता जागता उदाहरण तब देखने को मिला जब शासकीय प्राथमिक शाला हलबोहा दीवानपुर में पहले से पांचवी तक के क्लास में इस साल एक भी बच्चे ने एडमिशन नहीं लिया वहीं पहले से पढ़ रहे स्कूल के बच्चे अपनी टीसी लेकर चलते बने सबसे मजेदार बात यह है कि यहां कई सालों से बच्चों का पढ़ाई के कारण टोटा बना हुआ है

लेकिन शिक्षा की अलग जगाने वाले यहां शासन द्वारा पदस्थ तीन शिक्षक केवल ऑफिस में बैठकर मजे करते नजर आ रहे हैं यहां प्रधान पाठक के पद पर राजेश दिवाकर जो कई सालों से कुंडली मार कर बैठा हुआ है वही सहायक शिक्षक कुमारी तिलोत्तमा सिदार ,श्रीमती अनुपमा पैंकरा भी स्कूल में केवल अपनी हाजिरी भर खाना पूर्ति करते नजर आते हैं इस स्कूल की गांव के लोगों ने जब जानकारी स्थानीय पत्रकारों को दी तो पत्रकारों ने जब स्कूल पहुंच निरीक्षण किया तो

यहां पदस्थ प्रधान पाठक राजेश दिवाकर और एक सहायक शिक्षक बंद कमरों में बैठकर मोबाइल खेलते नजर आए वही एक सहायक शिक्षक अपने ड्यूटी से ही नदारत मिली जब प्रधान पाठक राजेश दिवाकर से हमारे संवाददाता ने बात करनी चाहिए तो उसके द्वारा मुंह छुपाते हुए बचते नजर आए वही यहां पदस्थ प्रधान पाठक को विकास खंड शिक्षा अधिकारी,जिला शिक्षा अधिकारी का नाम तक पता नहीं था इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां पदस्थ लाखों रुपए की वेतन लेने वाले शिक्षक यहां किस तरह से शिक्षा का अलख जागते होंगे जिन्हें खुद ही अपने विभाग के उच्च अधिकारियों का नाम का पता नहीं है ।
इस संबंध में जब पत्थलगांव विकासखंड शिक्षा अधिकारी विनोद पैंकरा से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि प्रधान पाठक द्वारा मुझे जीरो दर्ज संख्या का स्कूल का आवेदन दिया गया है मेरे द्वारा प्रधान पाठक को नोटिस जारी किया गया है वही शासन के युक्ति करण नियम के तहत 1 किलोमीटर में पदस्थ टूकु पखना विद्यालय में हलबोहा विद्यालय का मर्ज किया जावेगा वही विकासखंड शिक्षा अधिकारी वेतन के संबंध में कुछ भी कहने से बचते रहे ।
अब देखना यह है कि पत्थलगांव विकासखंड में इसी तरह कम उपस्थिति दर्ज संख्या वाले स्कूलों का क्या किया जाता है या यूं ही दो-चार 10 बच्चों का दर्ज संख्या उपस्थित कर लाखों रुपए का वेतन शिक्षक डकारते रहेंगे । सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार पत्थलगांव विकासखंड में ऐसे बहुत से स्कूल हैं जहां शिक्षकों का टोटा बना हुआ है छात्र तो काफी संख्या में हैं लेकिन शिक्षकों की कमी बनी हुई है वहीं दूसरी ओर नेतागिरी व अपने रसूख के दम पर कम दर्ज संख्या वाले स्कूलों में शिक्षक पदस्थ हो शासन का लाखों रुपए का वेतन डकारने में मशगूल नजर आते हैं।




