जशपुर कलेक्टर रवि मित्तल की पहल पर लगा रहे पत्थलगांव सिविल अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर बट्टासाल भर में एक भी सिजेरियन ऑपरेशन नहीं कर बनाया रिकॉर्डलाखों का ऑपरेशन थिएटर बना शोपीसग्रामीण क्षेत्र के लोग प्रसव के दौरान नाजुक क्षणों में महंगे इलाज के लिए लगा रहे शहरों का चक्कर

पत्थलगांव/मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव सिविल अस्पताल हमेशा से ही अव्यवस्थाओं व लापरवाही के लिए जिले की सुर्ख़ियों में रहता है जहां विगत कुछ सप्ताह पूर्व बिजली व ऑक्सीजन के अभाव में मुडापारा करंगाबहलाला के एक युवा ने डायलिसिस बंद होने के कारण अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था जिस लापरवाही के कारण एक युवा ने अपनी जान देकर कीमत चुकानी पड़ी लाखों करोड़ों के अस्पताल में दो-दो जनरेटर एवं लाखों रुपए के ऑक्सीजन प्लांट होने के बावजूद डायलिसिस के समय बिजली गोल एवं ऑक्सीजन सिलेंडर का ना होना अपने आप में सवाल खड़ा करता है जहां मरीज की मौत होने के बाद परिजनों द्वारा अस्पताल में जमकर हंगामा किया गया था


जिसके मौत के बाद तत्काल ही पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने अस्पताल पहुंचकर अस्पताल की अवस्था को देखकर डॉक्टर को कड़ी फटकार लगाई थी लेकिन डायलिसिस के दौरान मरीज की मौत को लेकर खुद सीएचएमओ इंदरवार जशपुर से पत्थलगांव पहुंचकर जांच किया गया था लेकिन हर बार की तरह जांच के नाम पर मामले पर पर्दा डाल दिया गया
वहीं जशपुर जिले के अंतिम छोर पर बसा पत्थलगांव सिविल अस्पताल में सुविधाओं का टोटा दिखाई पड़ता है जहां शासन द्वारा इस आदिवासी बाहुल्य जिले में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को चिकित्सा की सुविधा सस्ती व सुलभ तरीके से उपलब्ध कराने के लिए लाखों करोड़ों की मशीन व अन्य दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती है इसी कड़ी में जशपुर कलेक्टर द्वारा लाखों रुपए खर्च कर ऑपरेशन थिएटर का निर्माण करवाया गया था इसके निर्माण के बाद ऑपरेशन थिएटर में एक ग्रामीण महिला की सिजेरियन ऑपरेशन किया गया था इसके बाद बड़े-बड़े अक्षरों में समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया पर पत्थलगांव सिविल अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन हुआ “ग्रामीण क्षेत्र के प्रसव पीड़ित महिलाओं को मिलेगी सुलभ एवं महंगी चिकित्सा से मुक्ति” संबंधी समाचार प्रकाशित भी किए गए थे लेकिन कुछ दिनों बाद ही लाखों रुपए के बनाए गए ऑपरेशन थिएटर में आज तक एक भी सिजेरियन ऑपरेशन का नहीं करना ऑपरेशन थिएटर की निर्माण व डॉक्टरों की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है आखिर जशपुर जिले में जब सिजेरियन ऑपरेशन किए जा रहे हैं तो पत्थलगांव में इतने विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद होने के बाद प्रसव पीड़ित महिलाओं के सिजेरियन ऑपरेशन आखिर क्यों नहीं किया जा रहे हैं नागरिकों के मन में सवाल दर सवाल गूंज रहा है।

पत्थलगांव क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं सुविधाओं के लिए अस्पताल तो पहुंचती है लेकिन यहां उपस्थित डॉक्टर ऑपरेशन के कारण प्रसव पीड़ित महिलाओं को जिले के बाहर रेफर का पर्चा पकड़ कर चलता कर दिया जाता है ।
ताजा मामला तब देखने को मिला जब प्रसव पीड़िता पति खान में हमारे संवाददाता को बताया कि सिविल अस्पताल पत्थलगाव में सिजेरियन ऑपरेशन के लिए हमेशा रेफर का पर्चा देकर तत्काल बाहर ले जाओ कह कर परिजनों को डराया जाता है इसके पहले भी 8 महीने पहले हमारे ही परिवार में एक प्रसव पीड़िता को भी इसी तरह सिजेरियन ऑपरेशन होगा कहकर रेफर का पर्चा थमाया गया था ।ऑपरेशन थिएटर व विशेषज्ञ डॉक्टर की मौजूद होने के बाद भी पत्थलगांव सिविल अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन नहीं किए जाते हैं जिसकी उच्च अधिकारियों को जांच करनी चाहिए आखिर लाखों रुपए लगाकर अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर क्यों बनाया गया है जब ऑपरेशन करना ही नहीं था तो ऑपरेशन थिएटर बनाने का क्या फायदा।
अब देखना यह है कि लाखों रुपए खर्च कर पत्थलगांव में बनाए गए ऑपरेशन थिएटर में कब प्रसव पीड़ित महिलाओं की किलकारियां गूंजती है या यूं ही ऑपरेशन थिएटर बंद कमरे की शोभा बढ़ाता रहेगा???पत्थलगांव




