समर्थ दिव्यांग प्रशिक्षण केंद्र में घटित दुष्कर्म व छेड़छाड़ मामले में एक पर और गाज गिरी,,, अनुशासनहीनता तथा शासकीय कार्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के आरोप में सहायक कार्यक्रम समन्वयक समावेशी शिक्षा राजीव गांधी शिक्षा मिशन निलंबित

पत्थलगांव मुकेश अग्रवाल

– समर्थ दिव्यांग प्रशिक्षण केंद्र में घटित दुष्कर्म व छेड़छाड़ मामले में संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सरगुजा संभाग अम्बिकापुर छत्तीसगढ़ ने एक और बड़ी कार्यवाही की है,इस कार्यवाही में अनुशासनहीनता तथा शासकीय कार्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के आरोप में सहायक कार्यक्रम समन्वयक समावेशी शिक्षा राजीव गांधी शिक्षा मिशन को निलंबित कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सरगुजा संभाग अम्बिकापुर छत्तीसगढ़ ने छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर का पत्र 2289 / 2253 / 2021 / 20-2 नया रायपुर दिनांक 28.09.2021 के द्वारा प्राप्त निर्देश के परिपालन में जशपुर जिले में संचालित समर्थ दिव्यांग आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र में दिव्यांग 06 बालिकाओं के साथ अमानवीय व्यवहार के संबंध में दिनांक 28.09.2021 को जाँच एव निरीक्षण किया गया। उक्त निरीक्षण में पाया गया कि दिनांक 22.09.2021 को जिला परियोजना समन्वयक राजीव गांधी शिक्षा मिशन जशपुर के प्रशासनिक प्रभार में रहे सहायक कार्यक्रम समन्वयक समावेशी शिक्षा राजीव गांधी शिक्षा मिशन जशपुर मूल पद (शिक्षक (एल.बी) के द्वारा घटना दिनांक 22.09.2021 को रात्रि में घटित होने के बाद दिनांक 23.09.2021 को भी दिव्यांग केन्द्र में उपस्थित नहीं होना उनके कार्य शैली को लापरवाही एवं उदासीनता को दर्शाता है। साथ ही इनके द्वारा जिला परियोजना समन्वयक जशपुर के सूचना पंजी में सूचना क्रमांक 16 में हस्ताक्षर के नीचे अंकित दिनांक 22.09. 2021 को कूटरचना कर दिनांक 23.09.2021 बनाया गया है।श्री अम्बष्ठ सहायक कार्यक्रम समन्वयक समावेशी शिक्षा राजीव गांधी शिक्षा मिशन जशपुर के प्रभार के साथ जिला परियोजना समन्वयक के प्रशासनिक प्रभार में भी थे। उन्हें अपने तथा अधिनस्थों से समन्वयक स्थापित कर दिव्यांग बच्चियों के साथ अमानवीय व्यवहार में मदद एवं मानसिक प्रबलता प्रदान करना चाहिए था तथा उनके अभिभावकों को भी तत्काल सूचित किया जाना था किंतु घटना की जानकारी स्वयं को अपने अधिनस्थों के माध्यम से होना बता कर उदासीन रवैया अपनाए रहे। उनका उस तरह का अमानवीय व्यवहार प्रथम दृष्टया उनके पदीय दायित्वों में सन्निष्ठ एवं कर्तव्य परायण न रहने व अनुशासनहीनता तथा शासकीय कर्यों के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाता है।

श्री अम्बष्ठ द्वारा अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में कर्तव्य निष्ठ होकर कार्य नहीं किये जाने के कारण ऐसी शर्मनाक घटना घटित हुई है। वे प्रारंभिक जाँच में छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के उल्लंघन के प्रथम दृष्ट्या दोषी पाये जाने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में श्री अम्बष्ठ का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय अम्बिकापुर जिला सरगुजा (छ.ग.) नियत किया जाता है। निलंबन अवधि में इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।”यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा”

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