अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक शाला भाथुडांड मैं शिक्षकों का टोटा
75 बच्चों को पढ़ाने मे लगा एक शिक्षक
कई सालों से छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़




मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव
एक ओर जहां छत्तीसगढ़ शासन की भूपेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार ही उच्च स्तर पर प्रयास करते हुए आत्मानंद स्कूल एवं अन्य सीबीएसई के अंग्रेजी माध्यम स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों में खोलकर शिक्षा के स्तर को बढ़ाने में लगी हुई है वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत में भूपेश सरकार की योजनाओं पर ब्लॉक एवं जिले स्तर पर बैठे अधिकारी बट्टा लगाने में कमी नहीं छोड़ रहे हैं जहां स्कूलों में नियुक्त किए गए शिक्षक अपने मूल पद से हंटते हुए अटैच का मोह को नहीं छोड़ रहे हैं ।अटैच की वजह से कई स्कूल शिक्षक विहीन होने के साथ एकल शिक्षक वाले हो चुके हैं जिसको जिले में बैठे अधिकारी के साथ विकास खंड शिक्षा अधिकारी का वरद हस्त स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इसी का जीता जागता उदाहरण पत्थलगांव के समीप स्थित सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक शाला भाथुडांड के स्कूल से लगाया जा सकता है जहां कक्षा 1 से लेकर कक्षा 5 तक में 75 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गई है जिसे अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के रूप में विकसित किया गया है जहां विगत एक 2 सालों से मात्र एक शिक्षक के भरोसे ही इतने बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है आप इस बात से ही अंदाजा लगा सकते हैं कि 1 शिक्षक द्वारा पांच कक्षाओं का संचालन किस तरीके से किया जाता होगा सोचनीय पहलू है ??
वही विद्यालय के प्रिंसिपल विजय बर्मन से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि हमारे द्वारा उच्चाधिकारियों को शिक्षकों की समस्याओं के संबंध में पत्र व्यवहार किया जा चुका है । शिक्षकों की कमी से पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही है।भाथुडांड के ग्रामीणों ने एवं बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि आजकल हमारे बच्चे स्कूल जाने से भी परहेज करने लगे हैं बच्चों का कहना है कि स्कूल जाने पर हमें केवल पुस्तक कॉपी दे कर बैठा दिया जाता है शिक्षक तो है ही नहीं ।इस कारण हमें स्कूल जाने का कोई फायदा ही नहीं। बच्चों के अभिभावकों ने कहा कि यदि जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जाती है तो सभी अभिभावक एक साथ मिलकर इस स्कूल से अपने बच्चों को टीसी कटवा लेंगे।
दूसरी ओर तिलडेगा के प्राथमिक शाला में लगभग दो दर्जन बच्चों के लिए 5 शिक्षक नियुक्त किए गए हैं जो शिक्षक पूरे दिन केवल बैठकर गप मारते देखे जा सकते हैं वही ग्रामीणों ने बताया कि प्राथमिक शाला में 2 दर्जन बच्चों के बीच 5 शिक्षक की नियुक्ति की गई है जबकि ब्लॉक में एक शिक्षक के भरोसे ही 75 बच्चे छोड़े गए हैं।
इस संबंध में पत्थलगांव एसडीएम रामशिला लाल से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे आप लोगों के माध्यम से इस तरह की लापरवाही की बात पता चली है मेरे द्वारा जल्द ही शिक्षक नियुक्ति के लिए उच्चाधिकारियों से बात की जावेगी।




