शहर की संजीवनी किलकिला मांड नदी सूखी, जल स्तर खिसकने के कारण नगर पंचायत का इंटकवेल मोटर ने भी दिया जवाब,टेम्पररी मोटर के जरिये पत्थलगांव को हो रही जलापूर्ति

पत्थलगांव-शहर में जल संकट से हाहाकार मचा हुआ है।अधिकाँश घरों में लगा बोरिंग जवाब दे चुका है। हालांकि नगर पंचायत द्वारा किलकिला स्थित मांड नदी से शहर में पानी की सप्लाई हो रही है, लेकिन वह भी नाकाफी है।

दरअसल किलकिला स्थित मांड नदी भी सूखने के कागार पर आ गया है भीषण गर्मी के कारण यहा लगे नगर पंचायत की इंटक वेल मोटर भी नाकाम हो गई है जिसकी वजह से नगर पंचायत द्वारा टेम्पररी मोटर के जरिये यहा से पानी खींचने की नाकाम कोशिश जारी है रीस रहे पाईप एव कम हॉर्स पावर की मोटर से सुख चुकी किलकिला नदी का जमा हुवा पानी टंकियों में सही ढंग से नहीं चढ़ पा रहा है। इसके साथ-साथ बिजली की कटौती ने भी इस समस्या को गंभीर बना दिया है। ऊपर से 18 जून आ गया अभी तक बारिश का कोई हलचल नहीं है यदि यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में लोगों को और परेशानी झेलनी पड़ेगी। हालांकि वर्तमान समय में पेयजल की समस्या जैसे हालात तो उत्पन्न नहीं हुए हैं। लेकिन बढ़ती गर्मी के साथ पानी के संकट से इंकार भी नहीं किया जा सकता है। घटते जलस्तर का सीधा प्रभाव मानव जीवन पर पड़ता है। इंसान तो किसी न किसी रूप में खुद के लिए पानी की व्यवस्था कर लेता है। लेकिन पशु पक्षियों के लिए जल संकट एक बड़ी समस्या बन जाती है। नदी नाले पशु पक्षियों के लिए एकमात्र पानी के स्त्रोत होते हैं। जून के इस महीने में ही यहां के प्रमुख मांड नदी करीब-करीब सूख चुकी है। इक्का-दुक्का बड़े तालाबों को छोड़ दें तो अधिकांश तालाब में पानी का नामोनिशान नहीं है।

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