अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के मामले में जांच सुस्त 🔴समाजसेवी ने अधिकारियों पर मामले को दबाने के लगाए आरोप

मुकेश अग्रवालपत्थलगांव
विगत दिनों समाचार पत्रों में अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कमाई के चक्कर में मेडिकल सर्टिफिकेट बनाकर शासन को लाखों रुपए के नुकसान पहुंचाने के मामले को लेकर समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किए गए थे जिसके बाद प्रशासन ने उक्त कथित मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने वाले डॉक्टर एवं सर्टिफिकेट की जांच के लिए टीम गठित कर 3 दिनों में जांच रिपोर्ट देने के लिए पत्थलगांव एसडीएम ने आदेश दिए थे लेकिन 3 दिनों से भी ज्यादा समय बीतने के बाद भी अभी तक मामले में जांच के नाम पर केवल कागज ही बढ़ते दिखाई दे रहे हैं ।शिकायतकर्ता समाजसेवी ने अधिकारियों पर जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति करने के आरोप लगाए हैं

शिकायतकर्ता ने संपूर्ण सर्टिफाइड मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ पत्थलगांव एसडीएम सहित जिले के आला अधिकारियों को शिकायत प्रेषित की है किंतु मेडिकल बोर्ड द्वारा ही 28 दिनों से ज्यादा के मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के नियम होने के बावजूद उक्त डॉक्टर द्वारा एकमुश्त 4 महीने एवं 3 महीने के मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं साथ ही जब डॉक्टर द्वारा मेडिकल सर्टिफिकेट बनाया गया तब उक्त डॉक्टर की ड्यूटी तपकरा स्वास्थ्य केंद्र में शासन द्वारा पदस्थ किए गए थे लेकिन संपूर्ण साक्ष्यों के बावजूद आज तक उक्त जांच पर लीपापोती करना संदेह को जन्म दे रहा है। वही पत्थलगांव एसडीएम ने डॉक्टर के पत्थलगांव पदस्थ नहीं रहने के कारण सरकारी मकान पर कब्जा करने के मामले की भी शिकायत की गई थी जिस पर भी एसडीएम ने तत्काल मकान खाली करने के निर्देश दिए थे जो आज तक केवल कागजों में ही दिखाई दे रहे हैं।
पत्थलगांव दौरे पर पहुंचे जिला कलेक्टर रवि मित्तल को समाजसेवी द्वारा उक्त मामले की पुनः शिकायत की गई है जिस पर जिला कलेक्टर ने मामले पर तत्काल कार्यवाही का भरोसा दिलाया है ।
पत्थलगांव एसडीएम रामशिला लाल से अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने की शिकायत के संबंध में जांच टीम द्वारा जांच की रिपोर्ट के संबंध में बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि अभी जांच रिपोर्ट मुझे प्राप्त नहीं हुई है जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर तथ्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही की जावेगी।




