पत्थलगांव नगरपंचायत की ब्यवसायिक दुकान नीलामी प्रकिया को जिला कलेक्टर से अब तक परमिशन नही फिर भी दुकान खोल कर प्रशासन को दिखाया ठेंगा

पत्थलगांव
आपको बता दे कि 23 जून 2022 को पत्थलगांव नगरपंचायत की ब्यवसायिक दुकान की नियम विरुद्ध नीलामी प्रकिया करते हुए काफी कम रुपयों में दुकान की बोली करवा दी गई थी जिससे करोड़ो रूपये की राजस्व की नगर पंचायत को नुक्सान हो रहा था वही पर पूर्व में दुकान की बोली 50, लाख रुपये तक में बोली कर दुकान ली गई थी पर 23 जून को मात्र आठ लाख रुपये की बोली में दुकान निलामी कर दी गई थी जिससे स्थानीय लोगो मे अनेक तरह के सन्देह उतपन्न हुए थे जिस पर तत्कालीन जिला कलेक्टर रितेश अग्रवाल एवं सँयुक्त संचालक सरगुजा ने संज्ञान लेते हुए पत्थलगांव नगर पंचायत से पूरे निलामी प्रकिया का प्रतिवेदन मंगाया था एवं नीलाम बस स्टैंड की एक दुकान पर रोक लगाई थी साथ ही रोजाना समाचार पत्रों की सुर्खियों में नगरपंचायत की नियम विरुद्ध नीलामी प्रकिया छाया रहने से प्रशासन की किरकिरी हुई थी ब्यवसायिक दुकान नीलामी के सुर्खियों एवं बढ़ते दबाव को देखते हुए सोमवार 11, जुलाई को नगरपंचायत की पीआईसी बैठक में एक सिरे से बस स्टैंड की ब्यवसायिक दुकानों की बोली प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया था
दुकान नीलामी मामले को कुछ दिनों तक ठंडा पड़ने का इंतजार करते हुए नगर पंचायत के आंखों के सामने ही करोड़ों रुपए का राजस्व नुकसान करते हुए एवं तत्कालीन कलेक्टर के आदेशों को दरकिनार करते हुए बिना कलेक्टर परमिशन के दुकान का फीता काटकर उद्घाटन कर दिया गया जिसको लेकर नागरिकों ने प्रशासन के प्रति एवं राजस्व नुकसान को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त है।
पत्थलगांव नगर पंचायत सीएमओ जितेंद्र पटेल से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि दुकान नीलामी की फाइल कलेक्टर द्वारा अपने पास मंगा ली गई थी जिसका किसी भी प्रकार का परमिशन नहीं दिया गया है यदि इस तरह उद्घाटन द्वारा दुकान को बिना परमिशन के चालू कर दिया गया है तो मैं उसे देख कर कार्यवाही करता हूं।
अब देखना यह है कि जशपुर जिले के संवेदनशील कलेक्टर इस तरह के बिना परमिशन के दुकान उद्घाटन को लेकर क्या कार्यवाही करते हैं या यूं ही सरकार के खाते में लाखों रुपए का राजस्व नुकसान होता रहेगा??




