लाखों रुपए की दुकान कौड़ियों के मोल नीलामी मामले पर सयुक्त संचालक बसुदेव चौहान ने ब्यवसायिक दुकानों की बोली प्रक्रिया को निरस्त कर फिर से बोली करवाने की बात कही

मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव नगरपंचायत ने सारे नियम कायदे ताक पर रखकर लाखो रूपये के दूकान को कौड़ी के दाम कर दीया था नीलाम सयुक्त संचालक वासुदेव चौहान ने कहा दुकान की नीलामी प्रकिया निरस्त कर फिर से करे बोली सीएमओ साथ ही कहा अभी तक मुझ तक नही भेजा गया है नीलामी प्रकिया का प्रतिवेदन फिर से प्रतिवेदन मंगवाने की बात कही
आपको बता दे कि पत्थलगांव नगर पंचायत ने बीते एक हफ्ते पहले ब्यवसायिक दुकान की नीलामी प्रकिया से ठीक बोली के चंद घण्टे पहले तय सरकारी बोली को कम कर नीलामी प्रकिया को संपन्न करा दिया गया जिससे ये अंदेशा लगाया जा रहा है कि आखिर क्यों और किस के आदेश से बिना संसोधित विज्ञापन निकाले ब्यवसायिक दुकानों की बोली प्रकिया कर दी गई। जिससे पत्थलगांव नगरपंचायत को सीधे सीधे करोड़ो रूपये के राजस्व का चूना लगा जबकि वही पर पूर्व में ब्यवसायिक दुकानों की बोली 50, लाख रुपये में ली गई है। और अब मात्र 8 लाख रुपये की बोली में पत्थलगांव के ह्रदय स्थल की दुकान को नियम विरुद्ध नीलामी प्रकिया कराते हुए करोड़ो रूपये के राजस्व का नुक्सान करा दिया।
जिस तरह से नगरपंचायत ब्यवसायिक दुकानों को काफी कम रुपयों की बोली में दे दी गई है। उससे जन प्रतिनिधियों नगरपंचायत की अध्यक्षा, उपाध्याय, एवं कई पार्षदों के साथ शहर वासियों ने बोली प्रकिया से ठीक पहले बदली गई रकम जिससे पूरी नीलामी प्रकिया प्रभावित हो गई उसमे किसी तरह के संसोधित विज्ञापन निकलवाये ही आनन फानन में बोली प्रकिया अनेक तरह के संशय के जन्म देने की तरफ इशारा किया अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में नगरपंचायत के द्वारा नियम विरुद्ध की गई ब्यवसायिक दुकान की बोली प्रकिया कब निरस्त हो पाती है।

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