राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों से टीसी के नाम पर 10000 व बकरी की मांग संयुक्त संचालक सरगुजा ने दिए कड़ी कार्यवाही के संकेत

पत्थलगांव/मुकेश अग्रवाल।
एक ओर जहां शासन राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों को शिक्षा के क्षेत्र में जोड़ने के लिए विशेष पैकेज देते हुए आगे बढ़ाने के लिए नित नई नई योजनाएं लागू कर रहा है वही जिले में बैठे शिक्षा विभाग के आला अधिकारी केवल इसी कमरों में बैठकर राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों की शिक्षा की चिंता किए बगैर आराम फरमा रहे हैं जिसका जीता जागता उदाहरण बगीचा के अंबाडी पा में देखने को मिला।जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के सेंधवार अम्बाडीपा में संचालित गुरुकुल संस्कृत विद्यालय में प्रबंधक द्वारा पहाड़ी कोरवा बच्चों के टीसी के लिए उनके परिजनों से दस हजार रुपयों के साथ एक बकरे की मांग की गई।
प्रियंका व रेवती की माँ पार्वती ने बताया कि पहले उनके दोनों बच्चे लमदरहा स्कूल में पढ़ते थे जहाँ सीट खाली न होने के कारण उनके बच्चों का एडमिशन उन्होंने सेंधवार अम्बाडीपा में संचालित गुरुकुल संस्कृत विद्यालय में कराया ।यहाँ गरीबी के कारण वे स्कूल का फीस नहीं भर पाए। स्कूल प्रबंधन के दबाव से वे परेशान हो गए और अपने बच्चों को यहाँ से निकालने के लिए टीसी की मांग करने लगे।
जिसपर स्कुल के प्रबंधक व् प्रधान पाठक फुलेश्वर यादव ने पहाड़ी कोरवा बच्चों की मां से टीसी व अंकसूची के लिए दस हजार रूपए के साथ बकरे की मांग कर डाली।माँ पार्वती ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति खराब है और वे अब अपने बच्चों को पंडरापाठ पहाड़ी कोरवा आश्रम में पढ़ाना हैं पर टीसी व अंकसूची नहीं मिलने के कारण उनका एडमिशन वहां नहीं हो पा रहा है।
अब समझिये इस स्कुल को जो सेंधवार अम्बाडीपा में गुरुकुल संस्कृत विद्यालय के नाम से वर्ष 2011 से संचालित है जहाँ सारे नियम कायदों को ताक में रखकर 12 वीं तक की कक्षाएं संचालित हैं।न बच्चों को क्लासरुम की सुविधा न ही स्कूल के लिए आवश्यक मापदंडों का पालन इसके बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ऐसी मेहरबानी कि 12 तक की कक्षाएं यहाँ संचालित की जा रहीं हैं।आपको जानकार आश्चर्य होगा कि इस स्कुल में पहली से सातवीं तक के बच्चे एक ही क्लास रुम में बैठकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि जहां पहाड़ी कौरवा को शासन की काफी योजनाओं का लाभ दिया जाता है। जबकि छतीसगढ़ शासन सभी बच्चो को मुफ्त शिक्षा देने करोड़ो रुपये खर्च कर रही है।पर अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा की गरीब और लाचार परिवारों तक ये बातें अब तक नही पहुच पा रही है। जिले में बैठे उच्च शिक्षा अधिकारी आखिर क्रकया रहे है। जबकि उनकी जिम्मेदारी है। सभी गरीब परिवारों को मुफ्त शिक्षा का लाभ मिले।
जब स्कुल के प्रबंधक फुलेश्वर यादव से शिक्षकों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया की फिलहाल उनके साथ 3 शिक्षक हैं।बाकी 7 शिक्षक इस महीने के आखिरी तक आ जाएंगे।अब बड़ा सवाल यह है कि बिना शिक्षकों के बिना क्लासरुम के यह कैसा स्कूल जहाँ बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
इस मामले पे ब्लाक शिक्षा अधिकारी बगीचा आरएल कोसले ने कहा बगीचा स्कुल प्रबंधन द्वारा इस तरह की डिमांड करना गलत है,मामले में जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्यवाही की जाएगी,स्कूल संचालन के लिए प्रबंधन को नियमों व मापदंडों का पालन करना अनिवार्य है । छात्राओं के एडमिशन के लिए विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
इस मामले पे सयुक्त संचालक शिक्षा विभाग सरगुजा के हेमंत उपाध्याय ने कहा कि बग़ीचा विकासखण्ड के कोरवा परिवार के बच्चो को बिना पैसे दिए ही निःशुल्क टीसी जरूर उपलब्ध कराई जाएगी साथ ही जशपुर जिले के शिक्षा अधिकारियो को ये सुनिश्चित करने कहा कि कोई भी गरीब बच्चा शिक्षा से वंचित नही होना चाहिए इस तरह टीसी देने गुरुकुल के द्वारा मांगी जा रही मांग के मामलों पे कड़ी कार्यवाही की जाएगी। साथ ही गुरुकुल की जांच की जाएगी कि शासन के तय नियमो के तहत विद्यालय संचालित हो रही या नही।




