नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख की ठगी का पर्दाफाश, दुर्ग से आरोपी गिरफ्तार — एक और फरार

नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख की ठगी का पर्दाफाश, दुर्ग से आरोपी गिरफ्तार — एक और फरा
रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में पुसौर पुलिस ने नौकरी लगाने के नाम पर की गई बड़ी ठगी के मामले में योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी विवेक उर्फ विवेक कुमार विश्वकर्मा उर्फ विवेक कुमार शर्मा (निवासी वैशाली नगर, दुर्ग) को पकड़कर रायगढ़ लाया, जहां उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले का दूसरा आरोपी सितेश पाणिग्राही (निवासी गोपालपुर, चन्द्रपुर) अभी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस लगातार कर रही है।
ऐसे शुरू हुआ ठगी का खेल
जानकारी के अनुसार, प्रकरण में पीड़ित कुंजबिहारी पटेल (32 वर्ष) निवासी ग्राम घुघवा, थाना पुसौर ने 22 जनवरी को थाना पुसौर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि ग्राम गोपालपुर निवासी सितेश पाणिग्राही के पिता का गांव में आना-जाना था। इसी दौरान सितेश ने मंत्रालय में पहचान होने का दावा करते हुए सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया।
विश्वास दिलाने के लिए आरोपी ने अपने भाई का ऑनलाइन जॉइनिंग लेटर दिखाया और किस्तों में बड़ी रकम मांगी। सरकारी नौकरी की उम्मीद में पीड़ित ने जमीन बेचकर अप्रैल 2022 में 4,58,300 रुपये तथा बाद में 3,69,000 रुपये आरोपी को दे दिए।
कई लोगों से की गई ठगी
काफी समय तक नौकरी नहीं लगने पर जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करता रहा। कभी पैसे लौटाने का वादा किया तो कभी जमीन की रजिस्ट्री करने की बात कही। बाद में पता चला कि आरोपी ने इसी तरीके से कई अन्य लोगों को भी शिकार बनाया।
मुन्ना प्रसाद डनसेना से — ₹3,77,000
देवकुमार से — ₹8,00,000
अन्य रकम मिलाकर कुल — ₹20,04,000 की ठगी
पीड़ितों को दुर्ग ले जाकर आरोपी ने विवेक नाम के व्यक्ति से मिलवाया। वहां दोनों ने नौकरी के नाम पर पैसे लेने की बात स्वीकार की और पीड़ितों को चेक दिए, लेकिन बैंक में जमा करने पर वे बाउंस हो गए।
तकनीकी साक्ष्य से पकड़ में आया आरोपी
मामले की विवेचना के दौरान पुसौर पुलिस ने गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए। मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम दुर्ग पहुंची और आरोपी विवेक कुमार को हिरासत में लेकर रायगढ़ लाई।
पूछताछ में आरोपी ने नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लेने की बात स्वीकार की। उसके कब्जे से
एचडीएफसी बैंक का एक चेक
बैंक ऑफ बड़ौदा का एटीएम कार्ड
मोबाइल फोन
जप्त किया गया है।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपियों ने अन्य जिलों में भी इसी तरह की ठगी की है, जिसकी जांच जारी है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं सीएसपी रायगढ़ मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक मोहन भारद्वाज, सहायक उपनिरीक्षक मनमोहन बैरागी, प्रधान आरक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता और आरक्षक राहुल सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
“आमजन ऐसे झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। रायगढ़ पुलिस ऐसे आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी।” — एसएसपी शशि मोहन सिंह




