पत्थलगांव में नीरज फाउंडेशन स्कूल पहुँचे संस्थापक नीरज बाजपेयी, तीन वर्षों की उपलब्धियों की सराहना

पत्थलगांव।
पत्थलगांव स्थित नीरज फाउंडेशन स्कूल में उस समय विशेष उत्साह का माहौल देखने को मिला, जब स्कूल की नींव रखने वाले संस्थापक नीरज बाजपेयी विद्यालय पहुँचे। इस अवसर पर उन्होंने स्कूल की शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी ली तथा विद्यार्थियों के अभिभावकों से भी अलग-अलग विषयों पर चर्चा की।
विद्यालय में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम के दौरान नीरज बाजपेयी ने अभिभावकों से स्कूल की पढ़ाई, अनुशासन और अन्य गतिविधियों को लेकर सुझाव व सवाल सुने और उनका संतोषजनक जवाब भी दिया। अभिभावकों ने भी स्कूल की व्यवस्था और पढ़ाई के स्तर को लेकर अपनी बात खुलकर रखी।
इस अवसर पर नीरज बाजपेयी ने कहा कि नीरज फाउंडेशन स्कूल पत्थलगांव को खुले हुए आज पूरे तीन वर्ष हो चुके हैं, और इतने कम समय में स्कूल ने जिस तरह से प्रगति की है, वह सराहनीय है। उन्होंने स्कूल के डायरेक्टर सन्नी भाटिया और हरनिस कौर भाटिया की प्रशंसा करते हुए कहा कि शहर के बीच स्थित सीमित स्थान में भी उन्होंने विद्यालय का प्रबंधन बहुत ही सुव्यवस्थित ढंग से किया है और बच्चों के लिए अच्छी शैक्षणिक व्यवस्था तैयार की है।
उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में इस विद्यालय को सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूल बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए निर्धारित मापदंडों का पालन करना आवश्यक है, जिसमें लगभग डेढ़ एकड़ भूमि का होना प्रमुख शर्त है। शहर के बीच इतनी बड़ी जमीन मिलना कठिन है, इसलिए शहर से थोड़ी दूरी पर उपयुक्त जगह तलाश कर विद्यालय का विस्तार करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है, ताकि भविष्य में स्कूल का बड़ा परिसर तैयार हो सके और सभी शैक्षणिक व खेल गतिविधियाँ बेहतर ढंग से संचालित हो सकें।

नीरज बाजपेयी ने बताया कि केवल तीन वर्षों में विद्यालय में 250 से अधिक विद्यार्थियों का अध्ययन करना इस बात का प्रमाण है कि स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लगभग 23 वर्ष पहले राजनांदगांव में शुरू किया गया उनका स्कूल आज एक विशाल शिक्षण संस्थान बन चुका है, जहाँ करीब 8000 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यालय की सबसे बड़ी जिम्मेदारी केवल अच्छी शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि बच्चों को अच्छे संस्कार देना भी है, ताकि वे भविष्य में एक अच्छे और नेक इंसान बन सकें। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी संस्कृति को समझने, माता-पिता का सम्मान करने और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
अंत में उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ हमारी सामाजिक परंपराओं, संस्कृति और रीति-रिवाजों से भी लगातार अवगत कराते रहें।
विद्यालय के डायरेक्टर सन्नी भाटिया और हरनिस कौर भाटिया के समर्पण की सराहना करते हुए नीरज बाजपेयी ने कहा कि जिस समर्पण और लगन के साथ वे बच्चों की पढ़ाई, खेलकूद और सर्वांगीण विकास पर ध्यान दे रहे हैं, वही किसी भी स्कूल को आगे चलकर एक बड़ा और प्रतिष्ठित संस्थान बनाता है।




