श्याम मंदिर पत्थलगांव में नानी बाई रो मायरो कथा में उमड़े श्रद्धालु श्री कृष्णा की लीला रही आकर्षण का केंद्र

श्याम मंदिर पत्थलगांव में नानी बाई रो मायरो कथा में उमड़े श्रद्धालु श्री कृष्णा की लीला रही आकर्षण का केंद्र
मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव स्थित श्याम मंदिर परिसर में नानी बाई रो मायरो की कथा में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार उमड़ रही है कथा की शुरुआत 3:00 बजे से प्रारंभ होकर 8:00 बजे तक की जाती है वृंदावन धाम से सुप्रसिद्ध कथावाचक राधा किशोरी द्वारा नानी बाई रो मायरो का अपने मधुर वचन भावपूर्ण भजन और भक्ति रस से भरी व्याख्या से सभी के हृदय तक स्पर्श करती हुई चल रही है ।इस कथा में नरसिंह भगवान की हुंडी और नानी बाई के मायरा का दिव्य प्रसंग नानी बाई रो मायरो में प्रस्तुत किया गया जिसमें भगवान श्री कृष्ण की असीम भक्ति की लाज रखने की भावना का विस्तृत वर्णन किया गया उन्होंने बताया कि जब नानी बाई अपनी मायरे के लिए असमर्थ महसूस करते हैं तब स्वयं श्री कृष्णा द्वारका में प्रकट होकर उनके मायरे को भव्य बना देते हैं ।कथा के साथ ही भक्तगण नरसिंह भगवान की हुंडी भाराई में उत्साह पूर्वक शामिल हुए।

पूरे कथा पंडाल में जय श्री श्याम जय ,श्री कृष्णा की जयकारे गूंजते रहे ।श्रद्धालुओं ने राधा किशोरी के कथा को सुनते-सुनते भाव विभोर हो गए

कथा के अंतिम दिन श्री कृष्ण की लीला आकर्षण का केंद्र रही श्री कृष्ण की लीलाओं का कथा वाचक राधा किशोरी ने विस्तार पूर्वक वर्णन किया किशोरी जी ने बताया कि नानी बाई के मायरे में जब स्वयं श्री कृष्ण द्वारका पधार कर नानी बाई के मायरे की लाज रखते हैं और स्वर्ण ,रत्न, वस्त्र ,गगने से पूरा मायरा भर देते हैं यह प्रसंग भक्त को ईश्वर की भक्ति करना और भक्त वात्सल्यता की झलक को दिखाया गया किशोरी जी ने बताया कि जब भक्त सच्चे मन से भगवान को पुकारता है तो भगवान स्वयं दौड़े चले आते ।भक्ति का अर्थ केवल आराधना नहीं बल्कि प्रेम समर्पण और विनम्रता है नानी बाई रो मायरो सुनने के लिए श्याम मंदिरपरिसर परिसर हाल खचाखच भरा हुआ था ।श्रोताओं ने बड़े ही भावपूर्ण ढंग से नानी बाई रो मायरो का विस्तार पूर्वक वर्णन का आनंद लिया एवं किशोरी जी के साथ झूमते गाते नजर आए।

कार्यक्रम को सफलता की ऊंचाइयों की ओर पहुंचाने में श्याम सेवा समिति के पदाधिकारी ,महिला मंडल की पदाधिकारी यों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




