पत्थलगांव के धान खरीदी केंद्र में तहसीलदार रामराज सिंह ने पकड़ा 100, बोरा धान किया ज़ब्त

*मुकेश अग्रवाल/ पत्थलगांव*
पाकरगांव के किसान रतन राम पिता चेतन राम के 100,बोरा धान को पत्थलगांव के तहसीलदार रामराज सिंह ने पकड़ा धान मंडी में पकड़े गए धान को किया ज़ब्त दिन के 12 बजे के आसपास धान खरीदी केंद्र में पाकरगांव के किसान के द्वारा धान बेचने लाया गया था पर उसमे से आधे भरे धान जिसके बोरे में टीसीएस घरजियाबथान का मार्का लगा पाया गया जबकि किसी भी धान मंडी से खरीदे गए धान काजब डियो काट कर मिल भेजा जाता है। फिर वो बोरा वापस धान मंडी नही आता है। पर ज्यादातर लोग धान बेचने की होड़ में इधर उधर से धान खरीद कर वापस उसी धान को मंडी में बेच देते है। हालांकि प्रशासन पूरी तरह धान की गलत तरह से खरीदी या अन्य जगहों से धान लाने वालो के ऊपर बारीक नजर बनाए हुए है। फिर भी धान की खरीद फरोख्त करने वाले अलग तरह से प्रशासन की नजरों से बचते हुए धान को मंडी में बेचने में सफल होभी जाते है। पर इस बार प्रशासन के पूरी तरह अलर्ट रहने से धान बोरा में घरजियाबथान धान मंडी के सील लगे बोरे ने किसान कि पोल खोल दी और 100, बोरे धान कोतहसीलदार रामराज सिंह ने जप्त कर लिया तहसीलदार ने बताया कि पाकरगांव के किसान के द्वारा 100, बोरा के आसपास धान बोरा जिसमे घरजिया बथान धान केंद्र का सील लगा धान भरा बोरा पाया गया है। जिसे तत्काल जप्त कर लिया गया है। नोडल अधिकारी अन्तरंग पांडे और आरआई को पंचनामा बनाने कहा गया है। तहसीलदार ने कहा कि पकड़े गए धान की पूरी तरह जांच की जाएगी कि वो बोरा कहा से आया या मिल से ही वापस धान को मंडी में लाकर बेचा जा रहा था पूरी जांच होने के पश्चात ही पता लगेगा कि वास्तविक रूप से धान कहा से आया था। जांच उपरांत पूरी करवाही की जाएगी।वही किसान के धान पकड़ाते ही उनके लोगो ने इस तरह की बाते कही कि जिसको धान पकड़ना है। पकड़ ले हम उस धान को छुड़ाने की ताकत रखते है।
जिस तरह से धान में शासन के द्वारा राशि दी जाती है उससे काफी लोग धान खरीदी और बेचने जैसे धंधे में पूरी तरह संलिप्त है। वही इसमें कुछ राइस मिलर के भी इस कार्य मे लगे होने की बात कही जा रही है। देखना होगा कि प्रशासन कैसे राइस मिलों से धान को धान मंडी में आने से रोक पाती है।वहीं सूत्रों से मिली जानकारी है कि धान को जब्ती करने के दौरान तहसीलदार एवं अधिकारियों पर धान छोड़ने के लिए भी लगातार फोन आते रहे किंतु कर्तव्यनिष्ठ एवं ईमानदार अधिकारी द्वारा मामले पर किसी की एक नहीं सुनी।

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