राम-जानकी विवाह की दिव्य गूंज से भक्तिमय हुआ पत्थलगांव, भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, आज होगा अयोध्या आगमन और वनवास गमन का मार्मिक प्रसंग छठवें दिन कथा वाचिका इंदुमती रामायणी ने कराया राम-सीता विवाह का अलौकिक रसपान, सुबह सामूहिक रुद्राभिषेक तो शाम को उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़



मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव। अग्रसेन भवन में आयोजित सात दिवसीय श्री राम कथा अब अपने चरम आध्यात्मिक उल्लास पर पहुंच चुकी है। कथा के छठवें दिन भगवान श्रीराम और माता जानकी के पावन विवाह प्रसंग का ऐसा भावपूर्ण और मनमोहक वर्णन हुआ कि पूरा कथा पंडाल “जय श्रीराम” और “सीताराम” के जयघोष से गूंज उठा। अयोध्या की सुप्रसिद्ध कथा वाचिका इंदुमती रामायणी ने अपने ओजस्वी और मधुर वचनों से राम-जानकी विवाह की दिव्यता का ऐसा चित्र खींचा कि श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति रस में डूब गए।

कथा के दौरान उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम ने महर्षि विश्वामित्र के साथ मिथिला पहुंचने से पूर्व माता अहिल्या का उद्धार किया और उसके बाद राजा जनक द्वारा आयोजित स्वयंवर में भगवान शिव के दिव्य धनुष को उठाकर उसे भंग कर दिया। इसी के साथ माता सीता ने भगवान श्रीराम को पति रूप में वरण किया और संपूर्ण मिथिला नगरी मंगल गीतों, शहनाइयों और उत्सव के वातावरण से सराबोर हो उठी। कथा वाचिका ने राम-जानकी विवाह के प्रत्येक प्रसंग का इतना जीवंत वर्णन किया कि उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पूरा पंडाल भक्ति के रंग में रंग गया।

अपने प्रवचन में इंदुमती रामायणी ने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना और श्रीराम कथा का श्रवण करना मनुष्य के जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालु कथा स्थल पर बैठकर श्रद्धा और भक्ति के साथ रामकथा सुनते हैं, उनके जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने पत्थलगांववासियों को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि यहां प्रतिदिन प्रातः भगवान शिव का सामूहिक रुद्राभिषेक और संध्या में श्रीराम कथा का आयोजन हो रहा है, जो पूरे नगर के लिए पुण्य का अवसर है।
प्रतिदिन सुबह सावन मास के अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा भगवान भोलेनाथ का सामूहिक रुद्राभिषेक किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धापूर्वक भाग ले रहे हैं। वहीं शाम को कथा स्थल पर सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है।

कथा के समापन पर भव्य आरती एवं प्रसाद वितरण भी किया जा रहा है।
कथा आयोजन को सफल बनाने में अग्रवाल समाज के पदाधिकारी और सदस्य पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं। आयोजन की व्यवस्थाओं का दायित्व पवन अग्रवाल, अध्यक्ष जग्गी अग्रवाल, अग्रवाल महिला मंडल के पदाधिकारी एवं सदस्य तथा समस्त अग्रवाल समाज दिन-रात संभाल रहे हैं, जिससे कथा का आयोजन सुव्यवस्थित और भव्य रूप में संपन्न हो रहा है।
आज का विशेष प्रसंग:
श्री राम कथा के सातवें एवं अंतिम चरण की ओर बढ़ते हुए आज भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन एवं वनवास गमन का अत्यंत मार्मिक प्रसंग सुनाया जाएगा। आयोजकों ने नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस दिव्य कथा का लाभ लेने की अपील की है।