53वीं बार रक्तदान… और मिला ‘छत्तीसगढ़ रत्न अवार्ड’! मानव सेवा के जुनून ने रची मिसाल, ऋषि अग्रवाल का पूरे प्रदेश में बढ़ा मान



मुकेश अग्रवाल
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और पूज्य गुरु खुशवंत साहब के हाथों मिला सम्मान, बोले— “रक्तदान करें, जीवन बचाएं, यही सबसे बड़ा धर्म”
अंबिकापुर/पत्थलगांव।
मानव सेवा के क्षेत्र में निरंतर समर्पण और 53वीं बार स्वैच्छिक रक्तदान कर समाज के लिए प्रेरणा बन चुके हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन से जुड़े समाजसेवी ऋषिअग्रवाल को प्रतिष्ठित “छत्तीसगढ़ रत्न अवार्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें मानवता की सेवा, स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने और जरूरतमंदों के जीवन बचाने के लिए किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी तथा पूज्य गुरु खुशवंत साहब के करकमलों से यह सम्मान प्राप्त कर ऋषि अग्रवाल भावुक हो उठे। उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय पल बताया।
ऋषभ अग्रवाल ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि उन हजारों स्वैच्छिक रक्तदाताओं, शुभचिंतकों, मित्रों और परिवारजनों की भी है, जिन्होंने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया और मानव सेवा के इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग दिया।

उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए नई जिंदगी बन सकता है। इसलिए समाज के प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान न केवल किसी की जान बचाता है, बल्कि समाज में इंसानियत और सेवा की भावना को भी मजबूत करता है।
ऋषि अग्रवाल वर्षों से रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ स्वयं भी लगातार रक्तदान कर एक प्रेरक उदाहरण पेश कर रहे हैं। उनकी 53वीं स्वैच्छिक रक्तदान की उपलब्धि और सेवा भाव को देखते हुए मिला “छत्तीसगढ़ रत्न अवार्ड” आज पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गया है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी उनके सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक सोच और मानव सेवा के प्रति नई ऊर्जा का संचार करते हैं।
“रक्तदान करें, जीवन बचाएं… क्योंकि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।”