छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री गृह जिले से एन एच43 का ठेकेदार लापता आधा अधूरी सड़क बनी नागरिकों के लिए जी का जंजाल

पत्थलगांव/मुकेश अग्रवाल
जहां एक और छत्तीसगढ़ में बनी भाजपा की सरकार द्वारा सड़कों का जाल बिछाकर सड़कों को चुस्त-दुरुस्त किया जा रहा है वही पूरे छत्तीसगढ़ की सड़के का निर्माण कार्य बहुत ही जोर-शोर से बनाई जा रही है एवं ठेकेदारों पर जल्द गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करने के लिए नकेल कसी जा रही है वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री के गृह जिले में सड़कों का बुरा हाल नजर आ रहा है छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे करने के बाद भी जशपुर जिले की सड़क कछुआ चाल से बनाई जा रही है ।


पत्थलगांव के शहर के पास स्थित पूरन तालाब से लेकर एसडीएम ऑफिस तक की सड़क, अंबिकापुर रोड पर प्रकाश स्कूल से लेकर बिस्कुट फैक्ट्री तक की सड़क जो कई सालों से अपनी जस की तस स्थिति में पड़ी हुई नजर आ रही है जहां भाजपा की सरकार बनते ही एक बार तो ठेकेदार ने शहर के समीप की सड़कों का निर्माण कार्य तेज गति से किया था किंतु कुछ महीनो बाद ही ठेकेदार द्वारा पुरे शहर के नजदीक लगी सड़कों को खोदकर आधा अधूरा छोड़कर लापता हो चुका है

ठेकेदार एवं अधिकारी छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार को ठेंगा दिखाते हुए चैन की मुरली बजाने में व्यस्त नजर आ रहे हैं जहां ना तो इन अधिकारी व ठेकेदारों को छत्तीसगढ़ के मुखिया विष्णु देव साय का कोई डर है, ना ही यहां के शांत सरल, स्वभाव के नागरिकों का क्रोध का डर है ।कुल मिलाकर पत्थलगांव के एन एच 43 का बुरा हाल नजर आ रहा है सड़क बनाने वाला ठेकेदार आधा अधूरा सड़कों को खोदकर धूल और मौत की ओर धकेलने के लिए सड़कों को छोड़कर लापता हो चुका है ।अब देखना यह है कि छत्तीसगढ़ के मुखिया के गृह जिले के सड़कों का यह हाल है तो छत्तीसगढ़ की अन्य जिलों की सड़कों का क्या हाल होगा ।मुख्यमंत्री के गृह जिले की सड़कों की हालत को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है जबकि मुख्यमंत्री के गृह जिले में मुख्यमंत्री का कई बार दौरा भी हो चुका है लेकिन सड़कों का हाल जस का तस बना हुआ है।




