घर वापसी अभियान के प्रणेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने 300परिवार की हिन्दू धर्म में घर वापसी करवाया

विधर्मियों को चेतावनी देते हुए कहता हूं कि कलाम बन कर आओगे तो बुद्ध हम बनेंगे,कसाब बन कर आओगे तो महासंग्राम होगा – प्रबल

मुकेश अग्रवाल/पत्थलगांव
हिंदुओ के लिए बड़ी बात है कि कोरोना महामारी की बड़ी लड़ाई के 2 साल बाद एक बार फिर से घर वापसी का कार्यक्रम शुरू हो गया है छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा एवं आर्य समाज खुटा पानी के संयुक्त तत्वाधान में विश्वकल्याण महायज्ञ का आयोजन खुटा पानी में किया गया,जिसमे आर्य समाज के कई जाने-माने संत जी मौजूद रहे जिन्होंने जनमानस को संबोधित करते हुए हिंदुत्व को मजबूत करने की अपील की।

इस आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि घर वापसी

अभियान के राष्ट्रीय प्रमुख स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के पुत्र प्रबल प्रताप सिंह जूदेव उपस्थित हुए और प्रदेश के अनेकों क्षेत्रों से आए 300 परिवार के 1000 लोगों की पैर धोकर घर वापसी कराई। उन्होंने घर वापसी के पूर्व अपने ओजस्वी उद्बोधन में सबसे पहले आतंकी हमले में शहीद रायगढ़ के माटी पुत्र शहीद विप्लव त्रिपाठी को श्रद्धांजलि दी।

प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने विधर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो सामने आ जाओ तुम्हारी हालत बिगाड़ कर रख दूंगा कोई भी विधर्मी अगर किसी हिंदू की जनेऊ काटेगा हिंदुओं की शिखा का अपमान करेगा तो हम दल बल के साथ उस पर आक्रमण करेंगे, यह विधर्मी प्रलोभन देकर हमारी संस्कृति को नष्ट कर हमें फिर से गुलाम बना रहे हैं जब तक प्रबल प्रताप सिंह जूदेव जिंदा है अपनी जान पर खेलकर हिंदुओं की रक्षा करता रहेगा।अंत में उन्होंने जूदेव परिवार के शायराना अंदाज में कहा..

“कलाम बंद कर आओगे तो बुद्ध हम बनेंगे,कसाब बन कर आओगे तो महासंग्राम होगा”

इस पूरे कार्यक्रम में जूदेव परिवार के दत्तक पुत्र खुड़िया प्रदीप नारायण दीवान भी उपस्थित रहें। कार्यक्रम के आयोजन आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान छत्तीसगढ़ आचार्य अंशु देव आर्य ने कहा कि हमारे हिंदू धर्म के रक्षक,हिंदू कुल तिलक कुमार दिलीप सिंह जूदेव के पुत्र प्रबल प्रताप सिंह जूदेव के नेतृत्व में यह घर वापसी का कार्यक्रम अनवरत जारी रहेगा आज यहां 300 परिवार की घर वापसी हुई है और आने वाले 25 दिसंबर को पत्थलगांव के किलकिलेश्वर धाम किलकिला में हिंदू धर्म से भटके 1000 परिवारो की घर वापसी करवाने का लक्ष्य रखा गया है।

Related Articles

Back to top button