ठाकुर शोभा सिंह महाविद्यालय में हिंदी दिवस का आयोजन

पत्थलगांव/मुकेश अग्रवाल
ठाकुर शोभा सिंह शासकीय महाविद्यालय पत्थलगांव मेंआज राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी विभाग द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संस्था के पूर्व प्राचार्य एवं हिन्दी साहित्य के प्रो. श्री डी. के. अंब्रेला उपस्थित रहे । कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी.के. राय ने की।कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित करके किया गया।अतिथियों के स्वागत के लिए कु.ट्विंकल नाग ,गिरजा यादव, निर्मला यादव ,गीता नाग , निर्भया एक्का एवं साथियों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत कर पुष्प गुछ प्रदान करते हुए स्वागत किया गया Iइसके पश्चात कु.निर्मला यादव एवं रेनू एक्का के द्वारा ‘हिंदी भाषा राष्ट्र की भाषा ‘गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर हिंदी भाषा की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला गया। प्रो. जे.के. भगत ने अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय हिन्दी दिवस पर सभी को शुभकामनाएं दिये एवं आज के दौर में हिन्दी की घटती रुझानों पर चिंता जाहिर करते हुए हमारे देश की राष्ट्र भाषा को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए सभी देशवासियों को संकल्पित होने का क्षण बताया। वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. आर. एस. कान्त ने कहा कि हिन्दी भाषा में हमारे देश की संस्कृति, एवं सभ्यता का छाप है इसलिए इसे अक्षुण्ड बनाये रखने के लिएआज के अवसर पर सबको संकल्प लेना चाहिए। अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राय ने उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं और सभी स्टाफ को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिन्दी हमारे देश की राष्ट्र भाषा है इसमें देश की विविधता में एकता का भाव प्रकट होता है यह पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधने की क्षमता रखताहै इस लिए किसी भी सूरत में इसका महत्व को कम होने नहीं देना चाहिए। उद्बोधन के क्रम में मुख्य अतिथि प्रो. अम्ब्रेला ने हिन्दी भाषा की महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिन्दी हमारी राष्ट्र भाषा के साथ- साथ हमारे देश की मातृभाषा भी है।देश में विभिन्न आक्रमणकारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हिन्दी भाषा में कई भाषाओं का प्रभाव रहा जिसके कारण पूरे देश वासियों के लिए हिन्दी बोलना और समझना आसान है, हिन्दी भाषा में अन्य भाषा को समाहित करने की ताकत है, हिन्दी भाषा व्याकरण सम्मत है इसमें संस्कार एवं अपनापन का भाव छिपा हुआ है इसका महत्व को कभी कमतर नहीं आंका जा सकता है शायद इसलिए संविधान सभा द्वारा इसे राष्ट्र भाषा के रूप में स्विकार किया गया है, उन्होंने हिन्दी के अध्येता छात्र- छात्राओं को हिन्दी विषय पर गहन अध्ययन कर शोध कार्य के लिए आग्रह किया।
इस अवसर परमहाविद्यालय की आईक्यूएसी प्रभारी प्रो .अनुपम प्रधान, अतिथि प्राध्यापक श्रीमती संगीता बंजारा एवं सुश्री अल्पना कुजूर उपस्थित रही ।कार्यक्रम को सफल बनानें में हिन्दी साहित्य के स्नातकोत्तर विभाग के कु.रितु सिंह एवं सभी सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं का योगदान सराहनीय रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन अतिथि प्राध्यापक श्रीमती हूमीं सिंह के द्वारा किया गया I अन्त में एम.ए. हिन्दी की तृतीय सेमेस्टर के छात्र मीनकेतन सिदार के द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।






