वरिष्ठ विधायक रामपुकार सिंह ने पत्थलगांव शहर के राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क में डामरीकरण का किया विरोध, पीएम मोदी एवं सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को लिखा पत्र।

मुकेश अग्रवाल/पत्थलगांव। बिगत कई दशकों से पत्थलगांव शहर की मुख्य सड़क जो अंबिकापुर रोड कदम घाट से जशपुर रोड पूरन तालाब तक की बदहाल व जर्जर हालात में आ चुकी राष्ट्रीय राजमार्ग43 की सडक के लिए आक्रोशित नागरिको का गुस्सा शांत करने विभाग ने आनन फानन में मात्र तीन करोड़ रुपए मंजूर कर टेंडर निकाल कार्य करने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग प्रति वर्ष की तरह बरसात सीजन समाप्त होते ही डामर डालकर पैचवर्क कर करोड़ो रूपये खर्च करने की खानापूर्ति करती रही है।पर इससे शहर को ज्यादा लाभ कभी नही मिलता दो से चार महीने में ही सड़के अपने पूर्व की खराब और जर्जर हालत में आकर शहर वासियों को फिर से मुसीबत में खड़ा कर देती है। लगातार पत्थलगांव वासी शहर की जर्जर बड़े बड़े गड्ढे और उड़ती हुई धूल से अपनी जिंदगी को बचाने में लगा हुआ है। पर उन परेशानियों से शहर वासियो को अच्छी सड़क कभी नही मिल सका आम जन मानस की हर बार की तरह हर वर्ष जर्जर और खराब सडको ने प्रशासन के उच्च स्तर के अधिकारियों और बड़े राजनेताओं की उपेक्षा से आम जन मानस का कभी भला नही हो सका हर वर्ष गड्ढे भर दिए गए और फिर वही पुरानी कहानी जर्जर और गड्डो से पटी सड़क और उड़ते धूल ने लोगो का जीना मुश्किल कर दिया आबादी की 50 से 60, परसेंट लोग सांस ,आंख के साथ पीठ दर्द और कमर दर्द के चपेट में आकर बड़े बड़े अस्पतालों में इलाज के चक्कर लगाने को मजबूर है। फिर भी प्रशासन स्तर पर या राजनीतिक स्तर पर शहर की सड़कों के लिए कोई रोड मैप लाकर हर वर्ष की होती परेशानियों को दूर करने की कोशिस कभी नही की गई। अब जब फिर से उसी सड़क में डामरीकरण होने की तैयारी है। तो रोजाना शोशल मीडिया से लेकर आम जन मानस पे इसका खासा विरोध रोजाना देखा जाता रहा है। यही कारण है। कि
स्थानीय विधायक रामपुकार सिंह ने पत्रकार वार्ता कर प्रधानमंत्री और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिख कर डामरीकरण की जगह सीसी सड़क मंजूर करते हुए शहर वासियो के हित में मंजूरी देकर कार्य प्रारंभ करवाने के लिए मांग की है।
पत्थलगांव शहर की सड़क को सीसी सडक निर्माण कराने हेतु पत्थलगांव विधायक राम पुकार सिंह ने केंद्रीय सड़क राज्य मंत्री नितिन गडकरी एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर शहर की सड़कों को सीमेंट कंक्रीट सड़क बनाए जाने का निवेदन किया है । विधायक राम पुकार सिंह के साथ नागरिको का मानना है कि बीटी पेच के लिए जो टेंडर निकाला गया है। उससे शहर की सड़के कुछ ही दिनों में पुनः जर्जर हालत में आ जायेंगे । विधायक सिंह ने बहुत जल्द इस मामले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से दूरभाष पर भी चर्चा किए जाने की बात कही इस दौरान नगरी क्षेत्र में नाली निर्माण को लेकर रामपुकार सिंह ने कहा कि नगरी क्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्यों में अनियमितता एवं लापरवाही के हम सभी के साथ साथ नगरी निकाय संस्था को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए, थी उन्होंने नाली निर्माण कार्य की उपयोगिता पर सवाल उठाते हुवे पूर्व में इस मामले में विरोध दर्ज किये जाने की जानकारी देते हुवे कहा कि
स्थानीय नगर प्रशासन को भी नाली निर्माण कार्य में लापरवाही की जाने बाबत जिला व स्थानीय प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई जानी चाहिए थी। शहरीय क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम निकासी व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि बस स्टैंड को केंद्र मानकर तीनों दिशा में नाली का ढाल बनाकर मास्टर प्लान बनाए जाने की जरूरत है। उन्होंने आश्वस्त किया कि शहरी विकास विकास विभाग को पत्र लिखकर शहर के विकास बसाहट हेतु कार्य योजना बनाने का निवेदन करेंगे ताकि भविष्य में हमारा शहर सुंदर और व्यवस्थित हो सके।
जिला की मांग पर पत्थलगांव को जिला बनाए जाने की मांग को लेकर विधायक ने कहा कि वे उदयपुर क्षेत्र को संयुक्त रूप से जिला बनाए जाने को लेकर निरंतर प्रयासरत हैं। यह प्रक्रिया जारी है। निकट भविष्य में उन्होंने जिला बनने की संभावना जताई इस मौके पर पत्थलगाव के ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास योजना के तहत लगभग 19 पंचायतों में लाखों रुपए की सीसी सड़क के निर्माण कार्य स्वीकृत होने की बात कही।
पत्रकारों द्वारा शहर के हृदय स्थल में स्थित बालक हाई स्कूल में बन रहे आत्मानंद स्कूल के जीर्णोद्धार में भी लाखों रुपए के कार्य में भारी अनियमितता और गोलमाल को भीअवगत कराया गया साथ ही उन्होंने हाई स्कूल में पदस्थ प्राचार्य मिंज पर लापरवाही व अनियमितता बरतने के आरोप लगाते हुए कहा कि हाई स्कूल के पुराने भवन से निकली लाखों रुपए की कीमती लकड़ियां आपसी सांठगांठ कर स्कूल से नदारत कर दी गई है जिससे लाखों रुपए की राजस्व की हानी प्रशासन को हो रही है इस पर विधायक ने आत्मानंद स्कूल व हाई स्कूल के प्राचार्य द्वारा की गई लापरवाही का खुद मौके पर निरीक्षण करने की बात कही एवं इस पर कलेक्टर से बात कर उचित कार्यवाही की बात कही गई है।




