हत्या के आरोपियों को पुलिस ढूंढने हवा में मार रही हाथ पैर बेश कीमती जमीनों की दलाली के पीछे हत्या जैसे संगीन अपराधों का हाथ

मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव हत्या जैसे संगीन अपराधों को ईन दिनों जमीन दलाल बेसकीमती जमीन की खरीद बिक्री के लिए अपना हथियार बनाए हुए हैं पांच माह पूर्व पाकरगांव में हुई हत्या भी जमीन की ऐसे ही किसी घिनौनी साजिश की ओर इशारा कर रही है नागवंशी एवं महाकुल समाज के लोगों के बीच एक बेशकीमती जमीन जिस गांव के लोग सरकारी भूमि बता रहे थे दोनों पक्षों के बीच विवाद ईतना गहराया की दोनों ही पक्ष के दो लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई गांव के लोग इसे बेश कीमती जमीन हथियाने के लिए हत्या जैसे घिनौने अपराध का सहारा लेना बता रहे हैं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के अंदर भय व्याप्त रहे और जमीन दलाल ऐसी वारदातों को अंजाम देकर सरकारी बेशकीमती जमीन पर अपना कब्जा जमा सकें इसके अलावा इस संगीन अपराध की ओर से पुलिस अब तक आंख मूंद कर बैठी है ।पांच माह का लंबा समय बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ आरोपियों को पकड़ने से खाली है ।गांव वालों ने इस संगीन अपराध में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस यदि अपराधों के प्रति सचेत रहें और अपराधियों की खोजबीन पडताल अच्छे से करें तो पुलिस के लिए 600 जनसंख्या की आबादी वाले गांव से हत्या के आरोपियों को ढूंढ निकालना कोई मुश्किल काम नहीं है ।इस हत्या एवं अंनसुलझे मामले को लेकर गांव के लोग काफी भयभीत भी हैं उनका कहना था कि अब वे अपनी निजी जमीन का सौदा करने से भी कतराने लगे हैं इधर पुलिस की खामोशी एक अंबुझ पहली बनी हुई है पुलिस का अपराधियों तक ना पहुंच पाना उनकी कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रहा है ।
तीन माह पूर्व जिले में नये पुलिस अधीक्षक लाल उम्मेद सिंह का आगमन हुआ था उनकी पूर्व कार्यशैली को देखकर शहर के लोगों ने भी अपराध मुक्त शहर की छवि अपनी आंखों में बसा ली थी परंतु न जाने शहर की शांत फिजाओं पर किसकी नजर लगी हुई है कि यहां एक के बाद एक चोरी की घटनाएं हत्या एवं लूटपाट की घटनाएं घटित होने के बाद भी आरोपी खुली हवा में सांस ले रहे हैं जिससे नागरिकों के अंदर आक्रोश के अलावा भय भी व्याप्त है पांच माह पूर्व हत्या के इस अनसुलझे मामले की पुलिस और कितने माह बीत जाने के बाद आरोपियों तक पहुंचेगी यदि पुलिस इस मामले को सुलझाने में नाकामयाब रहती है तो एक बार फिर गांव के लोगों का विश्वास कानून व्यवस्था से उठ जाएगा वही अपराधी शहर को अपराध की पनाह गार समझ कर यहां अपना डेरा जमाए हुए हैं
।दो दिन पूर्व में घरघोडा मोबाइल दुकान हुई लाखों की चोरियों के पीछे पत्थल गांव के दो आरोपियों का पकड़ाना इन बातों को सत्य साबित कर रहा है कि यहां कानून व्यवस्था किस तरह बिगड़ी हुई है ।




