मुखिया के गृह जिले में ही दम तोड़ता सुशासन, कोतबा PHC में 6 महीने से डॉक्टर नहीं
मुकेश अग्रवाल
जशपुर। पूरे छत्तीसगढ़ में सुशासन की ढोल पीटने वाली भाजपा सरकार के मुखिया विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर में ही स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है। विकास और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के सरकारी दावों के उलट, जमीनी हकीकत चिंताजनक है।
जशपुर जिले के कोतबा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बीते छह महीनों से डॉक्टर की पदस्थापना नहीं है। इसके चलते क्षेत्र के ग्रामीणों को मामूली इलाज के लिए भी दर-दर भटकना पड़ रहा है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को पत्थलगांव सिविल अस्पताल ले जाना मजबूरी बन गया है, जिससे कई बार समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा।
स्थिति यहीं तक सीमित नहीं है। किसी आकस्मिक घटना या मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम एवं मुलाहिजा के लिए भी शव को पत्थलगांव ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार समय पर एम्बुलेंस तक उपलब्ध नहीं होती, जिससे पीड़ित परिवारों को भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
इस गंभीर मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष यू.डी. मिंज ने कहा कि मुख्यमंत्री के अपने ही गृह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की यह हालत सरकार के कथित सुशासन की पोल खोलने के लिए काफी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री के जिले का यह हाल है, तो प्रदेश के दूरस्थ इलाकों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
उन्होंने मांग की कि कोतबा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल डॉक्टर की नियुक्ति, नियमित एम्बुलेंस सेवा और आपात चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि ग्रामीणों को बुनियादी स्वास्थ्य अधिकार मिल सके।




